कल किसने देखा है।
आज जो जी ली बस वही ज़िन्दगी है,
कल की सुबह हो ना हो,
कल किसने देखा है।
जो भी खुशियाँ दी उन्हें याद हम करते हैं।
उन्होंने भी कुछ ना कुछ सिखाया हमें,
उन्हें भी सलाम आज करते हैं।
कल की सुबह हो ना हो,
ना दिन है मेरा, न रात हुई अपनी।
बस जीवन है।
ना शोर है कहीं, ना ख़ामोशी ही रही।
बस जीवन है।
ना पास है कोई, ना दूरियां रही।
बस जीवन है।
ना हाथों में कुछ है, ना खाली हथेलियाँ।
बस जीवन है।
ना कहीं जाने की चाह, ना कहीं थम्मे ये कदम।
बस जीवन है।
ना भीगी ये धरती, ना रुकि ये बारिश।
बस जीवन है।
ना किसीको को पाने की चाह, ना किसीको खोने का डर।
बस जीवन है।
ना इसके होने की ख़ुशी, न इसके बिछड़ने का गम।
बस जीवन है।
बेजान, शांत, रुका हुआ सा, आगे बढ़ता, बस जीवन है।
वो पिछली बारिश याद है तुम्हे?
वो पानी में बच्चों सा भीगना,
वो पैरों से पानी को उछालना,
वो पिछली बारिश याद है तुम्हे?
वो रात की शीतलता को महसूस करना,
बेधड़क वो बच्चों सा एक दुसरे को छेड़ना,
उस बारिश की वो मीठी यादें, क्या याद हैं तुम्हे?
वो पिछली बारिश याद है तुम्हे?
वो साथ साथ भीगते लम्हों की कशिश,
वो दुनिया के सामने अपने साथ पर गर्व करती,
वो पिछली बारिश की अठखेलियां,
वो रात की सकून भरी बातें, क्या याद हैं तुम्हे?
वो पिछली बारिश याद है तुम्हे?
क्या आज की बारिश में उन लम्हों को ढून्ढ रहा है?
क्या उन् लम्हों की यादों की टीस का एहसास कर रहा है,
याँ कहीं उस पिछली बारिश की कबर खोद चूका है, ये दिल तेरा?
उस पिछली बारिश का कोई भी लम्हा क्या याद है तुम्हे?
वो पिछली बारिश याद है तुम्हे?
| बैठे हुए इस शोर में कुछ अकेलापन है । मुस्कुराते इन चेहरों में आंसुओं को छुपाता मेरा मन है । आज फिर लव्ज़ों का तूफ़ान सा उमड़ रहा है । बहते हुए इन लम्हों में मेरा मन ज़िंदा मर रहा है ! |
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बस देख लेती हूँ।